मेरे पास कोई चोर दरवाज़ा नहीं!

खुल के मिलने का सलीक़ा आपको आता नहीं,
और मेरे पास कोई चोर दरवाज़ा नहीं|

वसीम बरेलवी

शरीफ़ लोग थे सब खुल के आ गए!

अंदर का ज़हर चूम लिया धुल के आ गए,
कितने शरीफ़ लोग थे सब खुल के आ गए|

राहत इन्दौरी

अब तक खुली नहीं है दुनिया!

घर में ही मत इसे सजाओ,
इधर-उधर भी ले के जाओ|
यूँ लगता है जैसे तुमसे
अब तक खुली नहीं है दुनिया|

निदा फ़ाज़ली