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तुम हो जाओ अविचल!

आज मैं पुनः अपनी एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट दोहरा रहा हूँ|

आज मैं विख्यात कवि, नोबेल पुरस्कार विजेता- श्री पाब्लो नेरुदा की मूल रूप से ‘स्पेनिश’ भाषा में लिखी गई एक कविता के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर उसका भावानुवाद और उसके बाद अंग्रेजी में अनूदित कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद-


पाब्लो नेरुदा


मैं चाहता हूँ कि तुम हो जाओ अविचल



मैं चाहता हूँ कि तुम रहो अविचल- स्थिर, शांत
जैसे कि तुम यहाँ हो ही नहीं
और तुम सुनो मेरी आवाज, बहुत दूर से
और मेरी आवाज तुम्हे छू नहीं पाए,
ऐसा लगे कि जैसे तुम्हारे नेत्र कहीं उड़ गए हों,
और ऐसा लगता है कि किसी चुंबन ने तुम्हारे मुंह को बंद कर दिया है,
जैसे सभी पदार्थ, मेरी आत्मा से भरे हैं
और तुम उन पदार्थों से बाहर निकलती हो,
मेरी आत्मा से भरी हुई,
तुम मेरी आत्मा की तरह हो,
स्वप्न की एक तितली,
और तुम इस एक शब्द की तरह हो: अवसाद,


मैं चाहता हूँ कि तुम रहो अविचल- स्थिर, शांत
और तुम बहुत दूर लगती हो,
ऐसा लगता है जैसे तुम विलाप कर रही हो,
एक तितली, कपोत की तरह गुटर-गूं कर रही है,
और तुम मुझे बहुत दूर से सुनती हो,
और मेरी आवाज तुम तक नहीं पहुंचती है,
मुझे आने दो, जिससे मैं तुम्हारे मौन में स्थिर हो जाऊं,
और मुझे बात करने दो तुमसे, तुम्हारे मौन के माध्यम से,
यह एक दमकता दीप है,
सरल, जैसे एक अंगूठी
तुम एक रात की तरह हो,
अपनी स्थिरता और चमकते नक्षत्रों के साथ,

तुम्हारा मौन एक सितारे का मौन है,
उतना ही सुदूर और खरा।


मैं चाहता हूँ कि तुम रहो अविचल- स्थिर, शांत
ऐसे कि जैसे तुम यहाँ हो ही नहीं,
बहुत दूर हो और उदासी से भरी,
मानो तुम मर गई होती,
और फिर एक शब्द, एक मुस्कान काफी है,
मैं खुश हूँ;
क्योंकि यह सच नहीं है।


और अब वह अंग्रेजी अनुवाद, जिसके आधार मैं भावानुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ-



Pablo Neruda


I Like For You To Be Still


I like for you to be still
It is as though you are absent
And you hear me from far away
And my voice does not touch you
It seems as though your eyes had flown away
And it seems that a kiss had sealed your mouth
As all things are filled with my soul
You emerge from the things
Filled with my soul
You are like my soul
A butterfly of dream

And you are like the word: Melancholy

I like for you to be still
And you seem far away
It sounds as though you are lamenting
A butterfly cooing like a dove
And you hear me from far away
And my voice does not reach you
Let me come to be still in your silence
And let me talk to you with your silence
That is bright as a lamp
Simple, as a ring
You are like the night
With its stillness and constellations
Your silence is that of a star

As remote and candid

I like for you to be still
It is as though you are absent
Distant and full of sorrow
So you would’ve died
One word then, One smile is enough
And I’m happy;
Happy that it’s not true


आज के लिए इतना ही,
नमस्कार।

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प्रेम गीतिका

आज फिर से मैं एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ|

आज भी मैं विख्यात कवि नोबेल पुरस्कार विजेता- श्री पाब्लो नेरुदा की मूल रूप से ‘स्पेनिश’ भाषा में लिखी गई एक कविता के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर उसका भावानुवाद और उसके बाद अंग्रेजी में अनूदित कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद-


पाब्लो नेरुदा

प्रेम गीतिका

मैं लालायित हूँ, तुम्हारे मुंह, तुम्हारी आवाज़, तुम्हारे केशों के लिए,
शांत और अनबुझी प्यास के कारण बेचैन,
मैं गलियों में तुम्हें तलाशता फिरता हूँ,
रोटी से मुझे तृप्ति नहीं मिलती,
सवेरा मुझे अव्यवस्थित करता है, पूरा दिन
मैं तुम्हारे कदमों के द्रवमान तलाशता हूँ!


मैं भूखा हूँ तुम्हारी तरल हंसी के लिए,
तुम्हारे हाथ एक आदिम फसल का रंग लिए हुए,
तुम्हारे हाथों की उंगलियों में नाखूनों के पीले पत्थरों के लिए,
मैं तुम्हारी त्वचा को पूरे बादाम की तरह चबा जाना चाहता हूँ।

मैं तुम्हारे कमनीय शरीर में दमकती सूर्य की किरण पचा जाना चाहता हूँ,
तुम्हारे अभिमानी चेहरे पर स्थापित प्रभुतापूर्ण नासिका,
मैं तुम्हारी चितवन के इन प्रहारों की तैरती छायाओं से
अपनी क्षुधा मिटाना चाहता हूँ,


और मैं इधर-उधर भटकता हूँ, धुंधलके में सूंघते हुए,
तुम्हारी तलाश में, तुम्हारे हृदय को खोजने के लिए,
जैसे जंगली बिल्ला (प्यूमा) घूमता है, क्विट्रेटू के रेगिस्तानों में!



और अब वह अंग्रेजी अनुवाद, जिसके आधार मैं भावानुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ-

Pablo Neruda

Love Sonnet

I crave your mouth, your voice, your hair.
Silent and starving, I prowl through the streets.
Bread does not nourish me, dawn disrupts me, all day
I hunt for the liquid measure of your steps.

I hunger for your sleek laugh,
your hands the color of a savage harvest,
hunger for the pale stones of your fingernails,
I want to eat your skin like a whole almond.


I want to eat the sunbeam flaring in your lovely body,
the sovereign nose of your arrogant face,
I want to eat the fleeting shade of your lashes,

and I pace around hungry, sniffing the twilight,
hunting for you, for your hot heart,
like a puma in the barrens of Quitratue.


आज के लिए इतना ही, नमस्कार।

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आज रात मैं लिख सकता हूँ!


आज भी मैं विख्यात कवि नोबेल पुरस्कार विजेता- श्री पाब्लो नेरुदा की जो मूलतः चिले से थे, की मूल रूप से ‘स्पेनिश’ भाषा में लिखी गई कविता, के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर उसका भावानुवाद और उसके बाद अंग्रेजी में अनूदित मूल कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद-

आज रात मैं लिख सकता हूँ

आज रात मैं लिख सकता हूँ, सर्वाधिक उदास पंक्तियां।
जैसे मैं लिख सकता हूँ, कि तारों से सजी है रात,
तारे नीले हैं और दूर-दूर कांप रहे हैं।’

आसमान में रात की हवा घूमती है और गाती है।

आज रात मैं लिख सकता हूँ, सर्वाधिक उदास पंक्तियां।
मैंने उसे प्रेम किया, और कभी-कभी उसने भी मुझे प्रेम किया।

आज जैसी रातों में, मैंने उसे अपनी बांहों में लिए रखा।
अनंत आकाश के तले मैं उसे बारबार चूमता रहा।

उसने मुझे प्यार किया, कभी-कभी मैंने भी उसे प्यार किया।
कोई कैसे उसकी अति सुंदर स्थिर आंखों को प्यार न करता।

आज रात मैं लिख सकता हूँ, सर्वाधिक उदास पंक्तियां।
मुझे लगता है कि मैं उसे प्यार नहीं करता, यह महसूस करने के लिए मैंने उसे खो दिया।

घनघोर रात की ध्वनियां सुनने को, जो और भी घनघोर है, उसके बिना,
और ये काव्य पंक्तियां पड़ती हैं आत्मा पर, जैसे ओस गिरती है घास पर।

इससे क्या फर्क पड़ता है कि मेरा प्रेम उसे अपने पास नहीं रख पाया।
रात तारों से भरी है और वह मेरे पास नहीं है।

यही सब है, दूर कहीं कोई गीत गा रहा है दूर कहीं।
मेरी आत्मा संतुष्ट नहीं है कि इसने उसे खो दिया।

मेरी दृष्टि प्रयास करती है उसे खोजने का, जैसे उसे पास लाने का।
मेरी आत्मा उसे खोजती है, और वह मेरे पास नहीं है।

वही रात, वही उन्हीं पेड़ों का सफेद हो जाना,
लेकिन उस समय के हम, हम अब वही नहीं हैं।

मैं अब उसे प्यार नहीं करता, यह तो निश्चित है, लेकिन मैं कैसे उसे प्यार करता था।
मेरी आवाज़ ने प्रयास किया कि हवा को खोज ले, जो उसके सुनते हुए, उसे स्पर्श करे।

किसी और की, वह होगी किसी और की, जैसे कि वह मेरे चुंबनों से पहले थी।
उसकी आवाज़, उसका दमकता बदन। उसकी असीम आंखें।

मैं अब उसे प्रेम नहीं करता, यह निश्चित है, लेकिन शायद मैं उसे प्यार करता हूँ।
प्रेम की उम्र इतनी कम है और भूलना होता है इतनी देर तक!

क्योंकि आज जैसी रातों में मैं उसे, अपनी बांहों में भरे रहता था,
मेरी आत्मा संतुष्ट नहीं है कि मैंने उसे खो दिया है।

यद्यपि यह शायद अंतिम दर्द हो, जो उसने मुझे दिया है,
और यह अंतिम कविता जो मैं उसके लिए लिख रहा हूँ।

पाब्लो नेरूदा

अंग्रेजी अनुवाद- डब्लू. एस. मेर्विन

और अब वह अंग्रेजी अनुवाद, जिसके आधार मैं भावानुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ-


Tonight I Can Write

Tonight I can write the saddest lines.

Write, for example, ‘The night is starry
and the stars are blue and shiver in the distance.’

The night wind revolves in the sky and sings.

Tonight I can write the saddest lines.
I loved her, and sometimes she loved me too.

Through nights like this one I held her in my arms.
I kissed her again and again under the endless sky.

She loved me, sometimes I loved her too.
How could one not have loved her great still eyes.

Tonight I can write the saddest lines.
To think that I do not have her. To feel that I have lost her.

To hear the immense night, still more immense without her.
And the verse falls to the soul like dew to the pasture.

What does it matter that my love could not keep her.
The night is starry and she is not with me.

This is all. In the distance someone is singing. In the distance.
My soul is not satisfied that it has lost her.

My sight tries to find her as though to bring her closer.
My heart looks for her, and she is not with me.

The same night whitening the same trees.
We, of that time, are no longer the same.

I no longer love her, that’s certain, but how I loved her.
My voice tried to find the wind to touch her hearing.

Another’s. She will be another’s. As she was before my kisses.
Her voice, her bright body. Her infinite eyes.

I no longer love her, that’s certain, but maybe I love her.
Love is so short, forgetting is so long.

Because through nights like this one I held her in my arms
my soul is not satisfied that it has lost her.

Though this be the last pain that she makes me suffer
and these the last verses that I write for her.
Pablo Neruda
Translated in English by W.S. Merwin

आज के लिए इतना ही,

नमस्कार|
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