अपनी वकालत नहीं करता!

पकड़ा ही गया हूँ तो मुझे दार पे खींचो,
सच्चा हूँ मगर अपनी वकालत नहीं करता|

क़तील शिफ़ाई

जब आसमां से कोई!

जमीं की कैसी वकालत हो फिर नहीं चलती,
जब आसमां से कोई फैसला उतरता है।

वसीम बरेलवी