कभी नींद की गोली नहीं खाते!

सो जाते हैं फ़ुटपाथ पे अख़बार बिछा कर,
मज़दूर कभी नींद की गोली नहीं खाते|

मुनव्वर राना

बरबाद करके देखते हैं!

सुना है रब्त है उस को ख़राब-हालों से,
सो अपने आपको बरबाद करके देखते हैं|

अहमद फ़राज़

मज़ारों पे चादर चढ़ाई हुई!

ख़ुशी हम ग़रीबों की क्या है मियाँ,
मज़ारों पे चादर चढ़ाई हुई |

बशीर बद्र