जिस दिन अपने जूड़े में ,उसने कुछ फूल सजाये थे!

लीजिए एक बार फिर से जनाब क़तील शिफ़ाई साहब की एक ग़ज़ल का आनंद लेते हैं| जैसा कि आप जानते ही हैं क़तील साहब भारतीय उपमहाद्वीप के एक महान शायर थे और अनेक प्रसिद्ध गायकों ने उनकी ग़ज़लों आदि को अपना स्वर दिया है| यह भी क़तील साहब की अलग किस्म की ग़ज़ल है, हमारे … Read more

अब तुझे मैं याद आना चाहता हूँ !

एक बार फिर से आज जनाब क़तील शिफ़ाई साहब की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| क़तील साहब भारतीय के एक अत्यंत लोकप्रिय शायर रहे हैं| उनकी इस ग़ज़ल को जगजीत सिंह जी ने भी गाया है| कवि/शायरों की कैसी-कैसी ख्वाहिशें होती हैं, जैसे इस ग़ज़ल में ही क़तील साहब ने कुछ बेहतरीन ख़्वाहिशों का … Read more

इंसान की ख़ुश्बू आती है!

भारतीय उपमहाद्वीप के एक अत्यंत लोकप्रिय शायर रहे क़तील शिफ़ाई साहब की एक ग़ज़ल आज शेयर कर रहा हूँ| क़तील शिफ़ाई साहब पाकिस्तान के निवासी थे और उन्होंने अत्यंत खूबसूरत ग़ज़लें लिखी हैं जो बहुत लोकप्रिय हुई हैं और ग़ुलाम अली, जगजीत सिंह आदि प्रमुख गायकों ने उनको गाया है| लीजिए प्रस्तुत है क़तील शिफ़ाई … Read more

ये आप हैं तो आप पे क़ुर्बान जाइये!

कविता- शायरी, गीत-ग़ज़ल आदि अभिव्यक्ति के नायाब नमूने होते हैं| वैसे तो हमारे नेता लोग जो भाषण में माहिर होते हैं, वे भाषा के अच्छे उदाहरण प्रस्तुत करते हैं| उपन्यास-कहानी आदि में भी हम बहुत सुंदर अभिव्यक्तियाँ पाते हैं| परंतु कविता-गीत-ग़ज़ल आदि में विशेष बात होती है| यहाँ बहुत ज्यादा शब्द नहीं होते| यहाँ कम … Read more

तू दबे पाँव कभी आ के चुरा ले मुझको!

आज मैं कतील शिफाई जी की एक गजल शेयर कर रहा हूँ| इस गजल के कुछ शेर जगजीत सिंह जी ने भी गाए हैं| बड़ी सुंदर गजल है, आइए इसका आनंद लेते हैं-   अपने हाथों की लकीरों में बसा ले मुझको, मैं हूँ तेरा,तू नसीब अपना बना ले मुझको|   मुझसे तू पूछने आया … Read more

पेट की पगडंडियों के जाल से आगे!

आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ-     आज क़तील शिफाई जी की एक गज़ल याद आ रही है, क्या निराला अंदाज़ है बात कहने का! शायर महोदय, जिनकी नींद उड़ गई है परेशानियों के कारण, वो रात भर जागते हैं, आसमान की तरफ देखते रहते हैं और उनको लगता … Read more

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