Categories
Film Song

इन आँखों का हर इक आँसू ,मुझे मेरी क़सम दे दो!

प्रसिद्ध शायर और फिल्मी गीतकार- जनाब मेहंदी अली खान साहब का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| उन्होंने फिल्मों को अनेक सुंदर गीत दिए हैं और 1964 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘आपकी परछाइयाँ’ का यह गीत भी काफी लोकप्रिय हुआ था| मदन मोहन जी के संगीत निर्देशन में यह गीत लता मंगेशकर जी ने अपने अनूठे अंदाज़ में गाया है|

लीजिए राजा मेहंदी अली खान साहब के लिखे इस गीत का आनंद लीजिए-


अगर मुझ से मुहब्बत है मुझे सब अपने ग़म दे दो,
इन आँखों का हर इक आँसू मुझे मेरी क़सम दे दो|
अगर मुझ से …

तुम्हारे ग़म को अपना ग़म बना लूँ तो क़रार आए,
तुम्हारा दर्द सीने में छुपा लूँ तो क़रार आए,
वो हर शय जो तुम्हें दुख दे मुझे मेरे सनम दे दो|
अगर मुझ से …


शरीक-ए-ज़िन्दगी को क्यूँ शरीक-ए-ग़म नहीं करते,
दुखों को बाँट कर क्यूँ इन दुखों को कम नहीं करते,
तड़प इस दिल की थोड़ी-सी मुझे मेरे सनम दे दो|
अगर मुझ से …


आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|
*******