अपनी नज़रों से गिरा था पहले!

ब’अद में मैंने बुलंदी को छुआ,
अपनी नज़रों से गिरा था पहले|

राजेश रेड्डी

जो पुराना है नया था पहले!

जो नया है वो पुराना होगा,
जो पुराना है नया था पहले|

राजेश रेड्डी

आईना मुझ पे हँसा था पहले!

मैं ने तो ब’अद में तोड़ा था इसे,
आईना मुझ पे हँसा था पहले|

राजेश रेड्डी

पेड़ ये कितना घना था पहले!

रंग मौसम का हरा था पहले,
पेड़ ये कितना घना था पहले|

राजेश रेड्डी

ज़िंदगानी का सामना करके!

किसने पाया सुकून दुनिया में,
ज़िंदगानी का सामना करके|

राजेश रेड्डी

हम चले दिल को रहनुमा करके!

लोग सुनते रहे दिमाग़ की बात,
हम चले दिल को रहनुमा करके|

राजेश रेड्डी

देखा है तजरबा करके!

दर्द-ए-दिल पाओगे वफ़ा करके,
हम ने देखा है तजरबा करके|

राजेश रेड्डी

लौट आए ख़ुदा ख़ुदा करके!

घर से निकले थे हौसला करके,
लौट आए ख़ुदा ख़ुदा करके|

राजेश रेड्डी

वक़्तों के ख़यालात न लिखने पाऊँ!

ख़ुद को माज़ी में रखूँ हाल में रहते हुए भी,
नए वक़्तों के ख़यालात न लिखने पाऊँ|

राजेश रेड्डी