रस्ता हरा भरा कर दे!

ये रेत्ज़ार कहीं ख़त्म ही नहीं होता,
ज़रा सी दूर तो रस्ता हरा भरा कर दे|

राना सहरी

उसे मेरा कर दे!

है इख़्तियार में तेरे तो मोजेज़ा कर दे,
वो शख़्स मेरा नहीं है उसे मेरा कर दे|

राना सहरी

तेरी याद को शबनम की तरह!

मैंने ख़ुशबू की तरह तुझ को किया है महसूस,
दिल ने छेड़ा है तेरी याद को शबनम की तरह|

राना सहरी

मोहर्रम की तरह!

मेरे महबूब मेरे प्यार को इल्ज़ाम न दे,
हिज्र में ईद मनाई है मोहर्रम की तरह|

राना सहरी

बदलते हुए मौसम की तरह!

कभी ग़ुंचा कभी शोला कभी शबनम की तरह,
लोग मिलते हैं बदलते हुए मौसम की तरह|

राना सहरी