उम्र में तुझसे बड़ा हूँ मैं!

ले मेरे तजुर्बों से सबक ऐ मेरे रक़ीब,
दो चार साल उम्र में तुझसे बड़ा हूँ मैं|

क़तील शिफ़ाई

किस तरह करूँ अर्ज़-ए-तमन्ना!

हैरान हूँ किस तरह करूँ अर्ज़-ए-तमन्ना,
दुश्मन को तो पहलू से वो टलने नहीं देते|

अकबर इलाहाबादी