सिखा देती है चलना ठोकरें भी!

सिखा देती है चलना ठोकरें भी राहगीरों को,
कोई रस्ता सदा दुशवार हो ऐसा नहीं होता|

निदा फ़ाज़ली

आपके भी दिल ने बात की!

राहों से जितने प्यार से मंज़िल ने बात की,
यूँ दिल से मेरे आपके भी दिल ने बात की|

कुँअर बेचैन