उसे भूलने की दुआ करो!

अभी राह में कई मोड़ हैं, कोई आयेगा कोई जायेगा,
तुम्हें जिसने दिल से भुला दिया, उसे भूलने की दुआ करो|

बशीर बद्र

ये डगर कुछ और ही है!

आपके रस्ते हैं आसाँ आपकी मंजिल क़रीब,
ये डगर कुछ और ही है जिस डगर जाता हूँ मैं|

राजेश रेड्डी

सारी सड़कें रूठी रूठी लगती हैं!

इक ये दिन जब सारी सड़कें रूठी रूठी लगती हैं,
इक वो दिन जब ‘आओ खेलें’ सारी गलियाँ कहती थीं|

जावेद अख़्तर