जी यहां घबराता है!

आज सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| सर्वेश्वर जी अपने समय के प्रमुख साहित्यिक कवियों में शामिल थे और उस समय की प्रमुख साप्ताहिक समाचार पत्रिका ‘दिनमान’ के संपादन मण्डल में शामिल थे| बाकी तो कविता खुद अपनी बात कहती है, लीजिए प्रस्तुत है सर्वेश्वर जी की यह कविता अजनबी … Read more

फिर-फिर वही सन्नाटा है!

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी अपने समय में हिन्दी के प्रमुख कवियों में शामिल थे तथा प्रतिष्ठित समाचार-पत्रिका ‘दिनमान’ के संपादक मण्डल में भी थे| सर्वेश्वर जी को साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए थे| आज मैं प्रस्तुत कर रहा हूँ सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी की यह ग़ज़ल – अजनबी देश है यह, जी … Read more

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