ख़ामोशी पहचाने कौन 1

मुँह की बात सुने हर कोईदिल के दर्द को जाने कौनआवाज़ों के बाज़ारों मेंख़ामोशी पहचाने कौन । निदा फाज़ली

ऐ शरीफ़ इंसानों!

हिंदुस्तान के एक नामवर शायर, जिनका भारतीय फिल्मों के गीत-ग़ज़ल लेखन में भी बहुत बड़ा योगदान है और जो कवि-लेखकों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए सदा संघर्ष करते रहे, ऐसे महान शायर और गीतकार स्वर्गीय साहिर लुधियानवी जी की एक नज़्म आज शेयर कर रहा हूँ| इस रचना में साहिर साहब ने युद्ध की … Read more

यार जुलाहे!

आज गुलज़ार साहब की एक नज़्म शेयर कर रहा हूँ, गुलज़ार साहब की शायरी उनके अंदाज़ ए बयां के कारण अलग से पहचानी जाती है| आज की इस नज़्म में भी उन्होंने इंसानी रिश्तों में, प्रेम संबंधों में पड़ जाने वाली गांठों का बड़ी सहजता और प्रभावी ढंग से बयान किया है, जुलाहे की कलाकारी … Read more

तब भी तो तुम आए थे!

अली सरदार जाफरी साहब की एक नज़्म आज शेयर कर रहा हूँ| जाफरी साहब का नाम हिंदुस्तान के प्रसिद्ध शायरों में शामिल है और उनको भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था| लीजिए प्रस्तुत है अली सरदार जाफरी साहब की यह नज़्म- जब नहीं आए थे तुम, तब भी तो तुम आए थेआँख … Read more

खामोशी पहचाने कौन!

एक बार फिर से आज मैं अपने अत्यंत प्रिय शायरों में से एक, स्वर्गीय निदा फ़ाज़ली साहब का लिखा एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जिसे जगजीत सिंह-चित्रा सिंह की सुरीली जोड़ी ने बहुत खूबसूरत अंदाज में गाया है| निदा फ़ाज़ली साहब ने कुछ बेमिसाल गीत, ग़ज़लें और दोहे लिखे हैं और यह भी उनमें … Read more

जो लेके एक भी अच्छी ख़बर नहीं आते!

वसीम बरेलवी साहब आज के एक मशहूर शायर हैं जो अपने सहज भाव से कही गए, गहराई से भरे शेरों से जनता को बांध लेते हैं| मैंने भी अपने संस्थान के लिए किए गए आयोजनों में दो बार उनको आमंत्रित किया था| लीजिए आज प्रस्तुत है, जनाब वसीम बरेलवी साहब की यह ग़ज़ल– तुम्हारी राह … Read more

छोड़ जाएंगे ये जहां तन्हा !

विख्यात फिल्म अभिनेत्री मीना कुमारी जी एक अच्छी शायरा भी थीं और कविता की कद्रदान भी थीं| वास्तव मेँ कवि नीरज जी को फिल्मी दुनिया मेँ ले जाने वाली भी वही थीं | आज मैं मीना कुमारी जी की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ-, प्रस्तुत है यह ग़ज़ल- चाँद तन्हा है आसमाँ तन्हा,दिल मिला … Read more

मुझको ये वहम नहीं है कि खु़दा है मुझमें !

अभिव्यक्ति की- गीत, कविता, शायरी की दुनिया कितनी व्यापक है, ज़िंदगी के कितने रंग हम इसमें देख सकते हैं, यह वास्तव में अद्वितीय है| इसी क्रम में आज मैं राजेश रेड्डी जी की एक और ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| लीजिए आज प्रस्तुत है, श्री राजेश रेड्डी जी की यह ग़ज़ल- आग है, पानी है, … Read more

आओ कि कोई ख़्वाब बुनें कल के वास्ते!

साहिर लुधियानवी साहब हिंदुस्तान के जाने-माने शायर थे, जिनके गीतों और शायरी का हमारी फिल्मों में भी खूब इस्तेमाल किया गया है| साहिर साहब बहुत स्वाभिमानी व्यक्ति थे, पहले फिल्मों में शायर का नाम नहीं लिखा जाता था| साहिर साहब ने यह शर्त रखी कि मैं फिल्म के लिए गीत तभी लिखूंगा, जब मेरा नाम … Read more

मैं एक तड़पता क़तरा हूँ!

अली सरदार जाफ़री साहब की एक लंबी कविता या कहें की नज़्म आज शेयर कर रहा हूँ| अली सरदार जाफ़री साहब बहुत विख्यात शायर थे और हिन्दी फिल्मों में भी उनकी अनेक रचनाओं का सदुपयोग किया गया है| आज की इस रचना में अली सरदार जाफ़री साहब ने ज़िंदगी के बारे में, खुलकर अपने विचार … Read more

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