मैं पल दो पल का शायर हूँ!

See the source image

मुझसे पहले कितने शायर, आए और आकर चले गए,
कुछ आहें भरकर लौट गए, कुछ नग़मे गाकर चले गए,
क्यों कोई मुझको याद करे, क्यों कोई मुझको याद करे,
मसरूफ़ ज़माना मेरे लिए, क्यों वक़्त अपना बर्बाद करे|

मैं पल दो पल का शायर हूँ, पल दो पल मेरी कहानी है|
पल दो पल मेरी हस्ती है, पल दो पल मेरी जवानी है|

साहिर लुधियानवी

नग़मों की खिलाती कलियां चुनने वाले!

कल और आएंगे नग़मों की खिलाती कलियां चुनने वाले,
मुझसे बहते कहने वाले, तुमसे बेहतर सुनने वाले|

साहिर लुधियानवी