वो दर्द कि उठा था यहाँ!

वो टीस कि उभरी थी इधर याद रहेगा,
वो दर्द कि उठा था यहाँ याद रहेगा|

इब्ने इंशा

हर रंग ज़माने वाला!

अब खुशी है न कोई दर्द रुलाने वाला,
हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला|

निदा फ़ाज़ली

फिरते हैं लिए किस्सा-ए-गम!

एक हम ही नहीं फिरते हैं लिए किस्सा-ए-गम,
उन के खामोश लबों पर भी फसाने से मिले|

कैफ़ भोपाली

आँसू की भी जगह रखना!

ख़ुशी की आँख में आँसू की भी जगह रखना,
बुरे ज़माने कभी पूछकर नहीं आते|

वसीम बरेलवी