एक सितारा जल्दी जल्दी डूब गया!

एक सितारा जल्दी जल्दी डूब गया,
मैंने जब तारे गिनने की कोशिश की|

गुलज़ार

सितारे टूटते हैं रात ही में!

चमकती है अंधेरों में ख़मोशी,
सितारे टूटते हैं रात ही में|

निदा फ़ाज़ली

ज़मीं से चाँद बहुत दूर हो गया!

महलों में हमने कितने सितारे सजा दिए,
लेकिन ज़मीं से चाँद बहुत दूर हो गया|

बशीर ब
द्र

कभी तजरबा किया जाए!

कहा गया है सितारों को छूना मुश्किल है,
ये कितना सच है कभी तजरबा किया जाए|

निदा फ़ाज़ली

सितारों ने भी दिल तोड़ दिया है!

इस डूबते सूरज से तो उम्मीद ही क्या थी,
हँस हँस के सितारों ने भी दिल तोड़ दिया है|

महेश चंद्र नक़्श

हुक्म है हालाँकि कुछ नहीं हूँ मैं!

सितारो आओ मिरी राह में बिखर जाओ,
ये मेरा हुक्म है हालाँकि कुछ नहीं हूँ मैं|

राहत इन्दौरी

तुम्हें मैं मिलूँगा जहाँ रात होगी!

चराग़ों की लौ से सितारों की ज़ौ तक,
तुम्हें मैं मिलूँगा जहाँ रात होगी|

बशीर बद्र

रात को चमकाओ किसी दिन!

गुज़रें जो मेरे घर से तो रुक जाएँ सितारे,
इस तरह मिरी रात को चमकाओ किसी दिन|

अमजद इस्लाम अमजद

रात उसे चाँद तकता रहता है!

सुना है रात उसे चाँद तकता रहता है,
सितारे बाम-ए-फ़लक से उतर के देखते हैं|

अहमद फ़राज़

हम भी सो ही जायेंगे!

हमें भी नींद आ जायेगी हम भी सो ही जायेंगे,
अभी कुछ बेक़रारी है सितारों तुम तो सो जाओ|

क़तील शिफ़ाई