पथराव से घबराना तेरे शहर में!

जुर्म है तेरी गली से सर झुका कर लौटना,
कुफ़्र है पथराव से घबराना तेरे शहर में|

कैफ़ी आज़मी

बैठे हैं छुप के कहाँ ख़ुदा जाने!

हुआ है हुक्म कि ‘कैफ़ी’ को संगसार करो,
मसीह बैठे हैं छुप के कहाँ ख़ुदा जाने|

कैफ़ी आज़मी