जुर्म भी गोया करेंगे हम!

मजबूरियों के ज़हर से कर लेंगे ख़ुदकुशी,
ये बुज़दिली का जुर्म भी गोया करेंगे हम|

क़तील शिफ़ाई

अभी औरों को सताया जाए!

ख़ुदकुशी करने की हिम्मत नहीं होती सब में,
और कुछ दिन अभी औरों को सताया जाए|

निदा फ़ाज़ली

बदन की क़ब्र में कब से गड़ा हूँ मैं!

मैं ख़ुदकशी के जुर्म का करता हूँ ऐतराफ़,
अपने बदन की क़ब्र में कब से गड़ा हूँ मैं|

क़तील शिफ़ाई