कोई हमारा न रहा!

कोई हम-दम न रहा कोई सहारा न रहा,
हम किसी के न रहे कोई हमारा न रहा|

मजरूह सुल्तानपुरी

तिनकों पे भरोसा कौन करे!

जब अपना दिल ख़ुद ले डूबे औरों पे सहारा कौन करे,
कश्ती पे भरोसा जब न रहा तिनकों पे भरोसा कौन करे|

आनंद नारायण मुल्ला

उन हाथों में तलवारें न देख!

वे सहारे भी नहीं अब जंग लड़नी है तुझे,
कट चुके जो हाथ उन हाथों में तलवारें न देख ।

दुष्यंत कुमार