तस्वीर बातें बनाने लगी!

जो चुप-चाप रहती थी दीवार पर,
वो तस्वीर बातें बनाने लगी|

आदिल मंसूरी

नज़र मिली भी न थी और !

नज़र मिली भी न थी और उन को देख लिया,
ज़बाँ खुली भी न थी और बात भी कर ली|

कैफ़ी आज़मी

बात करने पे मजबूर हो गया!

तन्हाइयों ने तोड़ दी हम दोनों की अना!,
आईना बात करने पे मजबूर हो गया|

बशीर बद्र

आँखों में जो बात हो गई है!

आँखों में जो बात हो गई है,
इक शरह-ए-हयात हो गई है|

फ़िराक़ गोरखपुरी

जवाब क्या देते खो गए सवालों में!

पहली बार नज़रों ने चाँद बोलते देखा,
हम जवाब क्या देते खो गए सवालों में|

बशीर बद्र

मगर बात नहीं होती है!

कैसे कह दूँ कि मुलाकात नहीं होती है,
रोज़ मिलते हैं मगर बात नहीं होती है|

शकील बदायूँनी

वो बात भी थी अफ़साना क्या!

उस रोज़ जो उनको देखा है अब ख़्वाब का आलम लगता है।
उस रोज़ जो उनसे बात हुई वो बात भी थी अफ़साना क्या॥

इब्ने इंशा

जाने क्‍या बातें करते हैं!

इतने शोर में दिल से बातें करना है नामुमकिन
जाने क्‍या बातें करते हैं आपस में हमसाए।।

राही मासूम रज़ा