अब कहाँ से लाऊँ उसे!

ये लोग तज़्किरे करते हैं अपने लोगों के,
मैं कैसे बात करूँ अब कहाँ से लाऊँ उसे|

अहमद फ़राज़

मैं भी उसे भूल-सा गया!

उसने भी छोड़ दी मेरे बारे में गुफ्तगू,
कुछ दिन के बाद मैं भी उसे भूल-सा गया|

वसीम बरेलवी