आइना दिखाए मुझे!

अगर यक़ीं नहीं आता तो आज़माए मुझे,
वो आइना है तो फिर आइना दिखाए मुझे|

बशीर बद्र

मिरा इम्तिहान क्या लेगा!

मैं इस उमीद पे डूबा कि तू बचा लेगा,
अब इसके बा’द मिरा इम्तिहान क्या लेगा|

वसीम बरेलवी