में झूठा हूँ तुम सच्चे हो!

जाओ जीत का जश्न मनाओ,
में झूठा हूँ तुम सच्चे हो|

मोहसिन नक़वी

जीत अमर कर दो!

जग ने छीना मुझसे,
मुझे जो भी लगा प्यारा|
सब जीता किये मुझसे,
मैं हर दम ही हारा|
तुम हार के दिल अपना,
मेरी जीत अमर कर दो|
होंठों से छूलो तुम …

इंदीवर