उनकी मगर मात न लिखने पाऊँ!

जीत पर उनकी लगा दूँ मैं क़सीदों की झड़ी,
मात को उनकी मगर मात न लिखने पाऊँ|

राजेश रेड्डी

दिल ही दिल में ये माना तो होगा!

जीत के भी वो शर्मिंदा है हार के भी हम नाज़ाँ,
कम से कम वो दिल ही दिल में ये माना तो होगा|

जावेद अख़्तर

मगर मात हो गई!

फिर यूँ हुआ कि वक़्त का पाँसा पलट गया,
उम्मीद जीत की थी मगर मात हो गई|

निदा फ़ाज़ली

में झूठा हूँ तुम सच्चे हो!

जाओ जीत का जश्न मनाओ,
में झूठा हूँ तुम सच्चे हो|

मोहसिन नक़वी

जीत अमर कर दो!

जग ने छीना मुझसे,
मुझे जो भी लगा प्यारा|
सब जीता किये मुझसे,
मैं हर दम ही हारा|
तुम हार के दिल अपना,
मेरी जीत अमर कर दो|
होंठों से छूलो तुम …

इंदीवर