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मेरा सूना पड़ा रे संगीत !

मेरे प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और गीत आज शेयर कर रहा हूँ| आज का ये 1957 में रिलीज़ हुई फिल्म- रानी रूपमती के लिए पंडित भरत व्यास जी ने लिखा था और एस एन त्रिपाठी जी के संगीत निर्देशन में मुकेश जी ने इसे बड़े मनमोहक अंदाज़ में गाया है|


लीजिए प्रस्तुत है मुकेश जी का यह एक अमर गीत-

आ लौट के आजा मेरे मीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं,
मेरा सूना पड़ा रे संगीत, तुझे मेरे गीत बुलाते हैं|

बरसे गगन मेरे बरसे नयन, देखो तरसे है मन, अब तो आजा|
शीतल पवन ये लगाए अगन,
ओ सजन अब तो मुखड़ा दिखा जा|
तूने भली रे निभाई प्रीत,
तूने भली रे निभाई प्रीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं|
आ लौट…

एक पल है हँसना एक पल है रोना, कैसा है जीवन का खेला|
एक पल है मिलना एक पल बिछड़ना,
दुनिया है दो दिन का मेला|
ये घड़ी न जाए बीत,
ये घड़ी न जाए बीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं|
आ लौट…


आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|
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