आसाँ तो नहीं लौट के घर आना भी!

जाने कब शहर के रिश्तों का बदल जाए मिज़ाज,
इतना आसाँ तो नहीं लौट के घर आना भी|

वसीम बरेलवी

इक दिन तिरा याद आना भी!

दिल की बिगड़ी हुई आदत से ये उम्मीद न थी,
भूल जाएगा ये इक दिन तिरा याद आना भी|

वसीम बरेलवी

होना ही नहीं फूल नज़र आना भी!

कैसी आदाब-ए-नुमाइश ने लगाईं शर्तें,
फूल होना ही नहीं फूल नज़र आना भी|

वसीम बरेलवी

फ़ासला रखना तुझे अपनाना भी!

कितना दुश्वार था दुनिया ये हुनर आना भी,
तुझ से ही फ़ासला रखना तुझे अपनाना भी|

वसीम बरेलवी

किस क़दर आइना अकेला था!

जो भी मिलता गले लगा लेता,
किस क़दर आइना अकेला था|

वसीम बरेलवी

कौन मेरे सिवा अकेला था!

तेरी समझौते-बाज़ दुनिया में,
कौन मेरे सिवा अकेला था|

वसीम बरेलवी

मेरा दस्त-ए-दुआ’ अकेला था!

बख़्शिश-ए-बे-हिसाब के आगे,
मेरा दस्त-ए-दुआ’ अकेला था|

वसीम बरेलवी

मेरा ही रास्ता अकेला था!

साथ तेरा न कुछ बदल पाया,
मेरा ही रास्ता अकेला था|

वसीम बरेलवी

क्या मिरा तजरबा अकेला था!

प्यार तो जन्म का अकेला था,
क्या मिरा तजरबा अकेला था|

वसीम बरेल
वी

इसलिए मैं बड़ा अकेला था!

अपने अंदाज़ का अकेला था,
इसलिए मैं बड़ा अकेला था|

वसीम बरेलवी