अपनी कहो अब तुम कैसे हो!

हमसे न पूछो हिज्र के क़िस्से,
अपनी कहो अब तुम कैसे हो|

मोहसिन नक़वी

बन्दगी में मेरा भला न हुआ!

क्या वो नमरूद की ख़ुदायी थी,
बन्दगी में मेरा भला न हुआ|

मिर्ज़ा ग़ालिब