अँधेरे में इबादत नहीं करता!

देते हैं उजाले मिरे सज्दों की गवाही,
मैं छुप के अँधेरे में इबादत नहीं करता|

क़तील शिफ़ाई

अपने बयान में रखना!

जो देखती हैं निगाहें वही नहीं सब कुछ,
ये एहतियात भी अपने बयान में रखना |

निदा फ़ाज़ली