सोचता हूँ के तुझे हाथ लगा कर देखूं !

आज एक बार फिर से मैं स्वर्गीय राहत इन्दौरी जी की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| राहत जी अपने सबसे अलग अंदाज़ ए बयां के लिए प्रसिद्ध थे| जो एक अलग प्रकार का ‘पंच’ उनकी रचनाओं में आता था वो पाठकों और श्रोताओं का मन मोह लेता था| लीजिए प्रस्तुत है राहत इन्दौरी साहब … Read more

खामोशी पहचाने कौन 5

किरन-किरन अलसाता सूरजपलक-पलक खुलती नींदेंधीमे-धीमे बिखर रहा हैज़र्रा-ज़र्रा जाने कौन । निदा फाज़ली

खामोशी पहचाने कौन 3

जाने क्या-क्या बोल रहा थासरहद, प्यार, किताबें, ख़ूनकल मेरी नींदों में छुपकरजाग रहा था जाने कौन । निदा फाज़ली

ख़ामोशी पहचाने कौन 1

मुँह की बात सुने हर कोईदिल के दर्द को जाने कौनआवाज़ों के बाज़ारों मेंख़ामोशी पहचाने कौन । निदा फाज़ली

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